आज एक बार फिर आपसे खब्बू दिवस यानी लेफ्ट हैंडर्स डे पर बात कर रहा हूं। पिछले बरस इसी दिन आपसे खब्बुओं के बारे में ढेर सारी बातें शेयर की थीं। आज कुछ और बातें।
पिछले दिनों कुछ ब्लागर्स मेरे घर आये थे तो खब्बुओं की दास्तान चली और सबने अपने अपने खब्बू अनुभव सुनाये। कुछ मित्र हैरान थे कि हम अपने ही खब्बू साथियों के बारे में कितना कम जानते हैं। उनकी तकलीफें, जरूरतें, उनकी सुविधाएं और उनकी परेशानियां हम हमेशा अनदेखी कर जाते हैं।
कल जयपुर से मेरे मित्र प्रेम चंद गांधी का फोन आया था। वे राजस्थान में रहने वाले किसी खब्बू लेखक के बारे में जानना चाह रहे थे। सचमुच हमारे पास इस बात के कोई आंकड़े नहीं हैं कि कितने हिन्दी लेखक वामपंथी विचार धारा के होते हुए भी दायें हाथ से लिखते हैं और कितने नरम वादी होते हुए भी बायें हाथ्ा से लेखनी चलाते हैं। किसी के पास अगर खब्बू लेखकों के आंकड़े हों तो जरूर शेयर करें। अगर आप खुद खब्बू लेखक हैं तो भी बतायें।
चलिये आपको खब्बू संसार की एक मनोरजंक यात्रा कराते हैं-
ये अमरीकी राष्ट्रपति खब्बू थे - James A. Garfield (1831-1881) बीसवें, Herbert Hoover, (1874-1964) इकतीसवें, Harry S. Truman, (1884-1972) तेतीसवें, Gerald Ford, (1913-2006) अड़तीसवें, Ronald Reagan, (1911-2004) चालीसवें, George H.W. Bush, (1924-) इकतालीसवें, Bill Clinton, (1946- ) बयालीसवें।
ज्यादातर खब्बू ड्राइवर पहली ही बार में ड्राइविंग टैस्ट पास कर लेते हैं।
गुजरात में ही आपको सबसे ज्यादा खब्बू डाक्टर मिलेंगे। गुजरात में आपको कई पति पत्नी दोनों ही खब्बू मिल जायेंगे।
गुजरात में मैंने देखा कि कक्षाओं में कम से कम पांच सीटें ऐसी होती हैं जिन पर खब्बू बैठ सकें।
दुनिया भर के खब्बुओं को एक मंच पर लाने के लिए एक वेबसाइट है lefthandersday.com
इस साइट पर कोई भी खब्बू सदस्य फ्री में सदस्य बन सकता है।
ये साइट तरह तरह की प्रतियोगिताएं, सर्वेक्षण्ा आदि आयोजित करती है।
खब्बुओं की जरूरतें बेशक वही होती हैं जो सज्जुओं की होती हैं लेकिन उनके हाथ की करामात अलग होती है। ढेरों चीजें हैं जो हम रोजाना इस्तेमाल करते हैं' कैंची, कटर, रसोई का सामान, कीबोर्ड, गिटार, माउस यानि सब कुछ। ऐसे में कोई दुकान भी तो होगी जो इनका ख्याल रखे और सबकुछ खब्बुओं को ही बेचे।
ये दुकान है - http://www.anythinglefthanded.co.uk वहां सिर्फ और सिर्फ खब्बुओं द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली चीजें मिलती हैं।
अक्सर जुड़वा बच्चों में से एक खब्बू होता है।
हकलाना और डाइलेक्सिया जैसे रोग खब्बुओं के हिस्से में ज्यादा आते हैं क्योंकि उन्हें ठोक पीट कर सज्जू बनाने की कोशिश्ों सबसे ज्यादा होती हैं।
खब्बू बेशक हर क्षेत्र कला, खेल, लेखन और संगीत में उत्कृष्ट होते हैं लेकिन वे आम तौर पर हॉकी खिलाड़ी नहीं होते। क्यों का जवाब आप खुद सोचें।
तो आज खब्बू दिवस पर सभी खब्बुओं को प्यार भरा सलाम
सूरज