बुधवार, 30 जनवरी 2008

प्रत्‍यक्षा जी को कहानी संग्रह के प्रकाशन पर हार्दिक बधाई

3 फरवरी 2008 को सवेरे 10 बजे नेशनल म्‍यूजियम, नई दिल्‍ली में भारतीय ज्ञानपीठ द्वारा आयोजित एक भव्‍य आयोजन में समर्थ युवा लेखिका प्रत्‍यक्षा के कहानी संग्रह जंगल का जादू तिल तिल का लोकार्पण है.

हम सब ब्‍लागी प्रत्‍यक्षा को इस अनूठे सम्‍मान के लिए हार्दिक बधाई देते हैं ओर कामना करते हैं कि इसी तरह से उनकी कहानी की कई किताबें हमें पढ़ने को मिलती रहें.

कार्यक्रम के बाद भोजन का भी प्रबंध है ( आयोजकों की तरफ से)

12 टिप्‍पणियां:

Mired Mirage ने कहा…

प्रत्यक्षा जी को बहुत बहुत बधाई ।
घुघूती बासूती

Priyankar ने कहा…

प्रत्यक्षा को बधाई दें!

कालिया जी को याद कराएं !

जल्दी स्वास्थ्य-लाभ करें ! पूरी तरह फिट-फाट हों !
और बिस्तर पर बैठे हुए भी सक्रियता के लिए साधुवाद लें .

Srijan Shilpi ने कहा…

बहुत-बहुत बधाई, प्रत्यक्षा जी को। प्रियंकर जी की टिप्पणी से पता चलता है कि उनकी तबियत कुछ ठीक नहीं। आशा है 3 फरवरी तक पूरी तरह स्वस्थ हो जाएंगी। अफसोस कि उसी दिन दिल्ली से बाहर जाने का प्रोग्राम बन गया है।

यदि कोई ब्लॉगर साथी कहानी संग्रह के लोकार्पण कार्यक्रम में भाग लेने के बाद उसके बारे में लिख सकें तो अच्छा लगेगा।

अनूप शुक्ल ने कहा…

बधाई!

Lavanyam - Antarman ने कहा…

अरे वाह ...ये तो बढिया समाचार हैं ..प्रत्यक्षा को मुबारकबादी व स्नेह सहित आशीष -- लावण्या

अजित वडनेरकर ने कहा…

बहुत बढ़िया । बधाई प्रत्यक्षाजी। हम पता था कि तारीख जल्दी आने वाली है।
उपन्यास की तैयारी भी रखिये ।

हर्षवर्धन ने कहा…

प्रत्यक्षाजी को बधाई

Pratyaksha ने कहा…

अरे ! आपने सब को बता दिया ? हम तो चुपचाप वाला प्रोग्राम बनाये बैठे थे ।
आप सबों का बहुत बहुत आभार । बहुत शुक्रिया !

आशीष महर्षि ने कहा…

प्रत्यक्षा जी को बधाई

Poonam ने कहा…

प्रत्यक्षा को बधाई .तुम्हारी खुशी और सफलता मुझे भी खुशी देती है. दुख है कि मैं दिल्ली नहीं पहुँच सकती .पर देखना मैं कोने में कुर्सी पर बैठी एक गौरवान्वित मुस्कान दे रही हूँ.

अरविन्द चतुर्वेदी Arvind Chaturvedi ने कहा…

प्रत्यक्षा जी तक बधाई प्रेषित कर दें.
पहले संग्रह का प्रकाशन एक महत्वपूर्ण अवसर होता है.

पहुंचने का प्रयास करूंगा.

mamta ने कहा…

प्रत्यक्षा जी बहुत-बहुत बधाई।